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राजधानी के पॉस इलाके गोमती नगर में कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है,,

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ताजा मामला,, गोमती नगर थाना क्षेत्र के विराम खंड 5 चौकी का है, जहां चौकी प्रभारी और नगर निगम जोन 4 के अधिकारियो की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लग रहे है आलम यह है कि पुलिस चौकी के ठीक बगल और जीवन प्लाजा के सामने की मुख्य सड़क अतिक्रमण कार्यों के गिरफ्त में है लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है,

स्थानीय निवासियों और राहगीरों का आरोप है कि विराम खंड चौकी प्रभारी से क्षेत्र नहीं संभल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सड़क को अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए, वहां पुलिस के नाक के नीचे अवैध कब्जा फल फूल रहे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि इन अतिक्रमणकारियो का परोक्ष संरक्षण प्राप्त है ।जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं।

जीवन प्लाजा के सामने मुख्य सड़क पर अवैध ठेलो गुमटियों और पार्किंग के कारण आए दिन जाम कि स्थिति बनी रहती हैं।

पीक ऑवर्स में यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद चौकी प्रभारी और नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई|

जब चौकी के बगल में ही नियम ताक पर रखे जा रहे हों,तो बाकी क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है।

क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि विराम खण्ड चौकी प्रभारी क्षेत्र की समस्याओं के प्रति उदासीन हैं।

अतिक्रमण विरोधी अभियानों के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।

बड़ा सवाल क्या उच्चाधिकारी इस बेलगाम अतिक्रमण और चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पर संज्ञान लेंगे? या फिर गोमतीनगर की ये सड़कें इसी तरह अवैध कब्जों की भेंट चढ़ती रहेंगी?

 

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सबसे ज्यादा पड़ गई

काकोरी, लखनऊ। काकोरी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध सड़क निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अवैध कब्जे की पुष्टि की। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।मामला काकोरी स्थित किसान पथ के पास चिलौली अंडरपास क्षेत्र का है, जहां फुटपाथ, पिलर और एंगल बाउंड्री को तोड़कर सड़क और मकान निर्माण किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि यह निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर किया जा रहा था।राजस्व विभाग के अनुसार, निर्माण कार्य सुरक्षित गाटा संख्या 335 (तालाब), गाटा संख्या 222 (बंजर) और 223 (चारागाह) की भूमि पर किया गया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक सप्ताह से यह निर्माण कार्य चल रहा था।शनिवार को राजस्व निरीक्षक अशोक सिंह के नेतृत्व में टीम ने पैमाइश की। जांच में करीब 20 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ी कच्ची सड़क सरकारी जमीन पर बनाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने कहा कि अवैध सड़क को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।मौके पर ग्राम प्रधान आनंद यादव, रियल एस्टेट कारोबारी सुनील कुमार, पूर्णैदु यादव, रामा लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।