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षड्यंत्र की भेंट चढ़ता वैवाहिक जीवन:
खुशहाल परिवार को उजाड़ने पर आमादा मायके पक्ष के लोग
युवक ने लगाई न्याय की गुहार मारपीट कर जबरन पत्नी को ले जाने और झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप
लखनऊ–24 अप्रैल
समाज में जहां एक ओर परिवारों को जोड़ने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्वार्थी तत्वों के कारण हंसते-खेलते परिवार बिखर रहे हैं।
एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां सामान्य परिस्थितियों और आपसी रजामंदी से हुई शादी अब वैवाहिक कलह की भेंट चढ़ रही है।
आरोप है कि लड़की पक्ष के लोग अपनी ही बेटी का घर उजाड़ने के लिए वर पक्ष के विरुद्ध साजिश रच रहे हैं।
पीड़ित पति के अनुसार, उसकी शादी आपसी रिश्तेदारी और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई थी।
पति-पत्नी के बीच गहरा प्रेम है और वे किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से दूर शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। पति अपनी पत्नी को हर सुख-सुविधा देने और उसे सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है,लेकिन ससुराल पक्ष के कुछ लोग इस रिश्ते को स्वीकार करने के बजाय इसमें जहर घोलने का काम कर रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय थाना प्रभारी एवं पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा दोनों परिवारों के बीच मध्यस्थता की कोशिश की गई।
पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों पक्षों को साथ रहने और विवाद खत्म करने के लिए प्रेरित किया। पति का आरोप है कि शासन-प्रशासन के सकारात्मक रुख के बावजूद लड़की पक्ष के लोग अपनी जिद पर अड़े हैं और निराधार तथ्यों के आधार पर वर पक्ष को प्रताड़ित कर रहे हैं।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि हाल ही में लड़की के परिजनों ने उनके घर पर आकर बलपूर्वक हंगामा और मारपीट किया।
आरोप है कि उन्होंने परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की और अपनी ही बेटी को जबरन अपने कब्जे में लेकर चले गए। इस घटना के बाद से वर पक्ष के लोग अत्यधिक भयभीत हैं। उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है कि पूरे परिवार को दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा।
लड़के के परिवार का कहना है कि विपक्षी पक्ष द्वारा रची जा रही साजिशों के कारण वे मानसिक,आर्थिक और शारीरिक रूप से टूट चुके हैं। उनका कहना है कि:
“जब पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ खुश रहना चाहते हैं, तो बाहरी हस्तक्षेप के जरिए उनके जीवन को बर्बाद करना कहां का न्याय है? केवल स्वार्थ और द्वेष के कारण दहेज प्रथा जैसे कानून का दुरुपयोग कर हमें डराया जा रहा है।
पीड़ित वर पक्ष ने अब शासन-प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि एक निर्दोष परिवार को षड्यंत्र से बचाया जा सके और पति-पत्नी को पुनः एक साथ रहने का अवसर मिले।







