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यूपी में आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं ।

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  1. लखनऊ: UP में आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

    नियुक्ति विभाग द्वारा जारी ट्रांसफर लिस्ट में संतुलन की कमी देखी गयी।

    2022 बैच के आईएएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंता को बहराइच जिले का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    बहराइच में पहले से तैनात 2022 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक प्रसाद 2022 सयुक्त मैजिस्ट्रेट का तबादला नहीं किया गया।

    एक ही बैच 2022 के दो आईएएस अधिकारियों का एक ही जिले में अलग-अलग पदों पर होना असामान्य स्थिति है।

    आमतौर पर सीनियर-जूनियर संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैनाती की जाती है।

    इस मामले में यह संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है।

    स्थिति दोनों अधिकारियों के कार्य समन्वय और प्रशासनिक फैसलों पर असर डाल सकती है।

    इसे नियुक्ति विभाग की लापरवाही या चूक के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    आईएएस सुनील कुमार धनवंता की तैनाती दिल्ली-एनसीआर के आसपास होनी चाहिए थी।

    उनकी पत्नी आईएफएस अधिकारी निशा धवल नई दिल्ली में तैनात हैं।

    IAS 2016 बैच के तबादले में पति पत्नी की पोस्टिंग का ख्याल रखा गया।

    इस पूरे मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

    अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस चूक को सुधारने के लिए क्या एक और तबादला लेकर आएगी है।

    2022 बैच के 5 IAS अफ़सर भी CDO बनने के लिए बेताब है।

    वही इस साल 30 सीनियर PCS अफ़सर भी IAS बनने जा रहे है।

  2. Reporting by Surya news channel

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सबसे ज्यादा पड़ गई

काकोरी, लखनऊ। काकोरी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध सड़क निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अवैध कब्जे की पुष्टि की। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।मामला काकोरी स्थित किसान पथ के पास चिलौली अंडरपास क्षेत्र का है, जहां फुटपाथ, पिलर और एंगल बाउंड्री को तोड़कर सड़क और मकान निर्माण किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि यह निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर किया जा रहा था।राजस्व विभाग के अनुसार, निर्माण कार्य सुरक्षित गाटा संख्या 335 (तालाब), गाटा संख्या 222 (बंजर) और 223 (चारागाह) की भूमि पर किया गया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक सप्ताह से यह निर्माण कार्य चल रहा था।शनिवार को राजस्व निरीक्षक अशोक सिंह के नेतृत्व में टीम ने पैमाइश की। जांच में करीब 20 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ी कच्ची सड़क सरकारी जमीन पर बनाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने कहा कि अवैध सड़क को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।मौके पर ग्राम प्रधान आनंद यादव, रियल एस्टेट कारोबारी सुनील कुमार, पूर्णैदु यादव, रामा लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।